उत्तराखंड : 60 दिन के भीतर 70 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य – स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत

 उत्तराखंड : 60 दिन के भीतर 70 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य – स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत
15 जुलाई, 2021
                                                         
प्रत्येक व्यक्ति का बनेगा आयुष्मान कार्ड – डॉ. धनसिंह रावत
आयुष्मान कार्ड जारी करने में उत्तराखंड देशभर में तीसरे पायदान पर
आयुष्मान के जरिये सूबे के 3 लाख लोग करा चुके उपचार
राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों का एक छत के नीचे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं 
देहरादून : राज्य सरकार आयुष्मान कार्ड के जरिये सूबे के प्रत्येक नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी। जिसके लिए राज्यभर में सभी लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जायेंगे। इस योजना के अंतर्गत आगामी 60 दिनों में 70 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया हैं। गोल्डन कार्ड में राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्सों को आ रही दिक्कतों का समाधान किया जायेगा साथ ही कर्मचारियों को एक छत के नीचे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करायी जायेगी।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में अटल आयुष्मान एवं गोल्डन कार्ड  योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूबे के सभी नागरिकों को अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध है जिसके लिए सभी लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाये जाने के लिए दो माह का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय मंत्री ने कहा कि अभी तक 44 लाख आयुष्मान कार्ड जारी हो चुके हैं आगामी दो माह के भीतर 70 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों निर्देश दिये गये हैं। डा. रावत ने बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा संज्ञान में लाई गई अटल आयुष्मान योजना की व्यवहारिक दिक्कतों को जल्द दूर कर राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को एक छत के नीचे कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जायेगी। 
बैठक में राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के चेयरमैन दिलीप कोटिया ने बताया कि सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड जारी करने वाले राज्यों में उत्तराखंड देशभर में तीसरे स्थान पर है जबकि छत्तीसगढ़ प्रथम और केरल द्वितीय स्थान पर है। अब तक तीन लाख लोगों ने इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत राज्य में 205 अस्पताल को संबद्ध किया किया गया है जिसमें 102 सरकारी तथा 103 निजी अस्तपाल है। जबकि देशभर में 25 हजार अस्पताल पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड का लाभ सार्वधिक डायलिसिस एवं कैंसर के मरीजों ने उठाया।
बैठक में चेयरमैन राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण दिलीप कोटिया, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण अरूणेंद्र सिंह चौहान, निदेशक संजीव कुमार सिंह, डा. ए.के. गोयल, अनुसचिव जसविंदर कौर, अनुभाग अधिकारी राकेश धर द्विवेद, स्टेट कोर्डिनेटर आईएसए अतुल जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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