पंचायत स्तर पर पुस्तकालय खोलने वाली देश ही पहली विधानसभा होगी श्रीनगर, विधायक निधि से जारी की एक करोड़ की धनराशि – उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत

 पंचायत स्तर पर पुस्तकालय खोलने वाली देश ही पहली विधानसभा होगी श्रीनगर, विधायक निधि से जारी की एक करोड़ की धनराशि – उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत
21 जून, 2021
                                                         

श्रीनगर विधानसभा की प्रत्येक ग्राम सभा में खुलेंगे सर्वाजनिक पुस्तकालय – उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत

पुस्तकालय में होंगी कृषि-बागवानी और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित महिलाओं से जुड़ी पुस्तकें

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने पुस्तकालयों के लिए विधायक निधि से जारी की एक करोड़ की धनराशि

देहरादून : स्कूलों में “चटाई मुक्त अभियान”के सफल संचालन के बाद प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपनी विधानसभा क्षेत्र में एक और नया अभियान शुरू कर दिया है। इस नये मिशन के तहत श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के सभी 205 ग्राम पंचायतों में सार्वजानिक पुस्तकालयों की स्थापना की जायेगी। इन पुस्तकालयों में वह सभी पुस्तकें होगी जो विद्यार्थियों से लेकर आम जनमानस के लिए भी लाभकारी होंगी। सभी पुस्तकालयों की स्थापना तीन माह के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने “चटाई मुक्त अभियान” चलाया जिसके अंतर्गत लगभग 98 फीसदी विद्यालयों फर्नीचर उपलब्ध करा दिये गये हैं। इस मुहिम के तहत प्राथमिक विद्यालय से लेकर इंटर काॅलेजों में पंजीकृत 25 हजार दो सौ छात्र-छात्राओं में से 24 हजार को फर्नीचर मिल चुका है। हालांकि कोरोना के बढ़ते प्रभाव से 1200 बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो पाया है। जिसे शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा। डा. रावत ने बताया कि “चटाई मुक्त अभियान” की सफलता के बाद अब वह अपनी विधानसभा क्षेत्र के सभी 205 ग्राम सभाओं में “सर्वाजनिक पुस्तकालयों” की स्थापना करने जा रहे हैं। जिसके लिए सभी औचारिकताएं पूरी कर ली गई है इसके साथ ही अपनी विधायक निधि से आज एक करोड़ रूपये की धनराशि भी जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पुस्तकालयों की स्थापना के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है जिसमें जिला पंचायतीराज अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी को बतौर सदस्य रखा गया है।

ग्राम सभा स्तर पर पुस्तकालयों के लिए स्कूल, पंचायत भवन एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में से किसी एक का चयन किया जायेगा। पुस्तकालय संचालन के लिए पंचायत स्तर पर ही एक समिति बनाई जायेगी। जिसमें ग्राम प्रधान, उप प्रधान, महिला मंगल दल एवं युवक मंगल दल के अध्यक्ष तथा स्कूल से एक अध्यापक को शामिल किया जायेगा। पुस्तकालयों में ग्राम पंचायत की जनसंख्या के अनुसार विभिन्न विषयों से संबंधित एक हजार से लेकर चार हजार तक पुस्तकें उपलब्ध कराई जायेंगी। प्रत्येक पुस्तकालय में एक कम्प्यूटर भी उपलब्ध कराया जायेगा। जिसका उपयोग ग्राम पंचायत के निवासी अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी कर सकेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने बताया कि यदि यह अभिनव प्रयोग पूर्ण रूप से सफल रहा तो पूरे देश के लिए यह एक नजीर होगी।

Leave a Reply

Related post

%d bloggers like this: