STF उत्तराखंड ने किया सबसे बड़ी साईबर ठगी का खुलासा, अब तक 360 करोड़ के फ्रॉड की जानकारी आई सामने

 STF उत्तराखंड ने किया सबसे बड़ी साईबर ठगी का खुलासा, अब तक 360 करोड़ के फ्रॉड की जानकारी आई सामने
9 जून, 2021
                                                         

देहरादून : उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स STF द्वारा ऑनलाइन पावर बैंक एप्प के माध्यम से देशव्यापी साइबर फ्रॉड के खुलासे के बाद, बैंगलोर पुलिस द्वारा 6 अभियुक्तो(कंपनी डायरेक्टर्स), जिसमे कुछ डायरेक्टर्स उत्तराखंड के केस में भी शामिल हैं, साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा आज इसी मामले में 5 लोगो को गिरफ्तार किया गया है। बैंगलोर में 120 करोड़ लगभग तथा दिल्ली में 150 करोड़ के करीब फ्रॉड मनी ट्रेल की बात प्रकाश में आई है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स STF की अब तक कि मनी ट्रेल कल 250 करोड़ से बढ़कर 360 करोड़ के फ्रॉड का डिटेल जानकारी कर ली गयी है.

मु.अ.सं. 18/21 एवं मु.अ.सं. 19/21 धारा 420 भादवि व 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट धारा 3/21, 4/22 Banning of unregulated deposit Scheme act 2019 साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायतकर्ता रोहित कुमार निवासी श्यामपुर जनपद हरिद्वार द्वारा एक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया जिसमे उनके द्वारा Google play store पर मौजूद पावर बैंक नामक एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर उनके साथ 91,200/- की ठगी करना अंकित किया गया था । उक्त प्रार्थना पत्र पर साईबर थाने द्वारा जाचं की गयी तो प्रकरण काफी गम्भीर प्रवृति का प्रतीत हुआ एवं संगठित गिरोह द्वारा करोड़ो की ठगी के साक्ष्य प्राप्त हुये । घटना की गम्भीरता एवं जघन्य प्रवृति का होने के कारण दिनांक 18 मई 2021 को प्रकरण में मु.अ.सं. 18/21 धारा 420 भादवि व 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गयी । इसी दौरान शिकायतकर्ता राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल हरिद्वार द्वारा भी उक्त पावर बैंक एप के माध्यम से 73,000/- (तिहत्तर हजार) रुपये की ठगी होने सम्बन्धी प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ जिस पर मु.अ.सं. 19/21 धारा 420 भादवि व 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया ।

अभियोग के सफल अनावरण हेतु एसटीएफ एवं साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम गठित की गयी । अभियोग में तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गये तो पाया कि आरोपियो द्वारा धनराशि के लेनदेन हेतु अधिकांशतः RAZORPAY Wallet/Gateway का प्रयोग किया गया । उक्त सम्बन्ध में टीम द्वारा RAZORPAY Gateway से सम्पर्क कर करोड़ो की धोखाधड़ी में RAZORPAY Gateway का उपयोग होना बताया गया तथा आरोपियों के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गयी । बैंक/मर्चेन्ट/गेटवे एवं अन्य सम्बन्धित कम्पनियों से प्राप्त विवरण का विश्लेषण किया गया तो वर्तमान तक 360 करोड की धोखाधड़ी प्रकाश मे आयी तथा और अधिक धनराशि की धोखाधड़ी सम्भावित है । अभियोग में 07 जून 2021 को नोयडा उ0प्र0 से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है।

इसी क्रम में RAZORPAY के legal Head के द्वारा 01 जून 2021 को साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन बैंगलोर मे पावर बैंक से सम्बन्धित 13 कम्पनियो के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया। बैंगलोर पुलिस द्वारा प्रकरण में 06 आरोपियो की गिरफ्तारी की गयी है। बैंगलोर पुलिस द्वारा वर्तमान तक 120 करोड़ की धनराशि की धोखाधड़ी का पता चलने की बात की जानकारी मिल रही है। पावर बैंक नामक एप के माध्यम से ठगी के सम्बन्ध में साईबर सैल दिल्ली द्वारा भी दिनांक 29-5-2021 को अभियोग पंजीकृत गया । दिल्ली पुलिस द्वारा प्रकरण में 05 आरोपियो की गिरफ्तारी की गयी है। दिल्ली पुलिस द्वारा वर्तमान तक 150 करोड़ की धनराशि की धोखाधड़ी का पता लगने की जानकारी मिल रही है। प्रकरण काफी गम्भीर एवं इसमे विदेशी नागरिको/कम्पनियो के जुड़े होने के साक्ष्य प्राप्त होने के कारण राष्ट्रीय एजंसियो CBI, IB, ED आदि को भी अवगत कराते हुये समन्वय स्थापित किया गया है । प्रकरण के सम्बन्ध में समाचार पत्रो एवं सोशल मीडियो में प्रचार प्रसार होने के कारण वर्तमान तक विभिन्न जनपदो से अब तक 25 शिकायते प्राप्त हुयी है ।

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