एसटीएफ साईबर क्राईम पुलिस ने पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के प्रकरण में एक फर्जी “99 लाटरी एप्प” का किया खुलासा

 एसटीएफ साईबर क्राईम पुलिस ने पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के प्रकरण में एक फर्जी “99 लाटरी एप्प” का किया खुलासा
9 जुलाई, 2021
                                                         
देहरादून : पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के प्रकरण में एक फर्जी “99 लाटरी एप” का एसटीएफ/साइबर क्राईम पुलिस ने किया खुलासा. शासन के सहयोग से उत्तराखण्ड़ पुलिस को और अधिक आधुनीक किया जा रहा है जिससे उत्तराखण्ड SMART पुलिसिंग की ओर देश मे अग्रसर है तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है. साइबर अपराधियों द्वारा पावर बैंक व अन्य फर्जी एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर आम जनता से धनराशि विभिन्न ई-वालेट (पेटीएम/रोजर पे ) के माध्यम से प्राप्त कर विभिन्न बैक खातो में जमा कराकर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है ।  जिस पर  उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर पूरे राज्य में पावर बैक के नाम से धोखाधडी की प्राप्त शिकायतो में 08 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत किया गया | 
अभियोगों की विवेचना में अब तक 30 बैक खाते व एसटीएफ ने सभी संबंधित बैंक प्रबंधकों और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ विभागीय और कानूनी जांच के लिए पहले ही पत्र जारी कर दिया है| उस के साथ 12 अभियुक्त प्रकाश में आये है (02 अभियुक्त गिरफ्तार+06 अभियुक्तो के विरुद्व वारण्ट बी+01 अभियुक्त के विरुद्व गैर जमानती वारंट+02 अभियुक्त के विरुद्व 41 दण्ड प्रक्रिया सहिता का नोटिस+01 अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु इन्टरपोल से सम्पर्क किया गया है ) | पूर्व में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने मामलों के सभी निष्कर्षों को संबंधित राज्य पुलिस प्रमुखों के साथ साझा किया था|
उक्त प्रकार के अपराधो के पूरे देश से आँकडे एकत्रित किये गये तो पावर बैक सम्बन्धी पूरे देश में करीब 239 अभियोग विभिन्न राज्यो में पजीकृत कराये गये है जिसमें पूरे देशभर में करीब 25 अभियुक्तो की गिरफ्तारी की गयी है ।प्रकरण काफी गम्भीर एवं इसमे विदेशी नागरिको/कम्पनियो के जुड़े होने के साक्ष्य प्राप्त होने के कारण राष्ट्रीय एजंसियो CBI, IB, ED आदि से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग लिया जा रहा है, साथ ही अन्तराष्ट्रीय एजेंसियो से भी सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास जारी है । 
इस प्रकार के अपराधों के निरन्तर प्राप्त हो रही शिकायतों के सम्बन्ध में साइबर थाना जनपद देहरादून द्वारा समस्त जनपदों व सोशल मीडिया में प्रचार प्रसार किया गया कि पवार बैक एप या अन्य धोखाधडी से सम्बन्धित एप की कोई जानकारी /शिकायत प्राप्त होने पर साइबर थाने से सम्पर्क किया जाय । इस क्रम में हरिद्वार निवासी ऋषभ सक्सेना द्वारा *एक नयी एप 99 लाट्ररी* की सूचना दी गयी जिस पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन पर जॉच की गयी  ।  जॉच में प्रकाश में आया कि अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता के खाते में बडी धनराशि का  लेन-देन  ऐप के माध्यम से शुरु किया गया , तथा प्राप्त धनराशि को तुरन्त निकाला जा रहा था । जिसके सम्बन्ध में विश्लेषण किया गया तो जानकारी प्राप्त हुयी कि अभियुक्तो द्वारा अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राशि लेने के लिए किया गया ।
इसके अतिरिक्त कई बैंक खातों का उपयोग नकली ई-कॉमर्स ऐप/वेबसाइटों के माध्यम से पैसे निकालने के लिए किया जा रहा है । जिस पर सभी ई-वालेट /ई-कॉमर्स एप से पत्राचार किया गया है । जिसमें सम्बन्धित धनराशि जालंधर एँव कुछ अन्य ई-वाँलेट में ट्रासफर की गयी । साथ ही इस एप के माध्यम से जिस धनराशि की निकासी हो रही है , उक्त निकाली जानी वाली धनराशि के मैसेज जिस नम्बर पर आ रहे है वह मोबाइल नम्बर  वर्तमान में चीन में चल रहा है । समस्त जानकारी प्राप्त कर प्रकरण में अभियोग पंजीकृत किया गया है । व अब तक  अभियोग में प्राप्त समस्त लाभप्रद सूचनाओं जानकारी सभी अन्य राज्यो से साँझा की जायेगी ।
अभियोग में अभियुक्त द्वारा प्रयोग किये गये कुछ संदिग्ध खातों की जानकारी प्राप्त की गयी तो प्रकाश में आया की प्राप्त धनराशि को Yes Bank Pooled के बैंक खाते में भेज दिया गया । अभियोग में अभियुक्तों द्वारा प्रयोग किये गये एप के अतिरिक्त प्रकाश में आये अन्य सदिग्ध एप TopCheat , Hxpay, Godpay, Goldmaster, Gudsuapay, Easy Pay ,immall2 के सम्बन्ध में साक्ष्य एकत्रित किये जा रहे है । 
99 लाटरी एप्प को विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप्स जैसे टेलीग्राम आदि पर प्रचार किया गया है। ये एप्प में हरिद्वार निवासी व्यक्ति का एकाउंट का प्रयोग हुआ जो ट्रेवल का business करता है और उसके एकाउंट में देश विदेश से टूरिस्ट का बुकिंग का पैसा आता है । 
स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा उसके एकाउंट का ट्रेल चेक किया जो इस संदिग्ध एप्प के माध्यम से 4 से 05 दिनों में ही 01 करोड रुपये की धनराशि शिकायतकर्ता के खातें में देश भर से लोगो का आने लगा ।साइबर पुलिस स्टेशन द्वारा एकाउंट तत्काल फ्रीज कराया गया ।  साइबर अपराधियो को पुलिस द्वारा एकाउंट फ्रीज की जानकारी मिलते ही अन्य एकाउंट को एप्प से ट्रांसक्शन के लिए जोड़ दिया गया,जिसमे भी देश भर की पब्लिक से फ्रॉड का पैसा जाने की पूर्ण संभावना है । यह सूचना जनहित में जारी की जाती है , कि वह ऐसे फर्जी एप्प से सावधान रहे , व अपनी धनराशि का निवेश बिना सोचे समझी इस तरह की फर्जी स्कीम/एप्प में न करें , प्रकरण के सम्बन्ध में अन्य राज्यो में भी जागरुकता फैलाये जाने हेतु अन्य राज्यो की Law Inforcement Agencies  से भी पत्राचार किया जा रहा है ।

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