आरएसएस से जुड़े स्वयं सेवकों का किया गया संघ परिचय वर्ग

 आरएसएस से जुड़े स्वयं सेवकों का किया गया संघ परिचय वर्ग
Posted on नवंबर 1, 2021 4:24 pm
                                                   
रूडकी : ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्वयंसेवकों को रुड़की स्थित आनंदम वेंकट हॉल में संघ परिचय वर्ग किया गया । कार्यक्रम का प्रारंभ अंशुल द्वारा एकल गीत हम युवा है हम करेंगे मुश्किलों से सामना मुश्किलों से सामना। मात  भूमि हित जगे है हमारी कामना तथा एकल गीत मात्री मंदिर का समर्पित दीप में चाह मेरी यह है कि मैं जलता रहा हूं से किया गया.

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मुख्य वक्ता विभाग संघचालक रामेश्वर प्रसाद पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा कहा गया की आजादी से पूर्व तथा आजादी के बाद संघ चर्चा का विषय रहा है संघ को समझने के लिए संघ संस्थापक डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार तथा सदाशिव राव गोलवलकर जी के जीवन को पढ़कर तथा संघ की शाखा से प्रत्यक्ष जुड़कर संघ को समझा जा सकता है. डॉ. हेडगेवार बचपन के कार्यों से जन्मजात देश भक्त थे। क्रांतिकारियों की अनुशीलन समिति के सक्रिय सदस्य थे स्वतंत्रता आंदोलन में 1921 तथा 1923 मैं 1 वर्ष  कारावास मैं रहे कारावास से निकलने पर उनका स्वागत तत्कालीन कांग्रेसी अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू तथा विट्ठल भाई पटेल ने किया था.
हेडगेवार कांग्रेस के विदर्भ प्रांत के महामंत्री रहे गांधीजी के खिलाफत आंदोलन से वह सहमत नहीं थे मोपला में हुए नरसंहार के बाद चिंतन कर पाया कि भारत की गुलामी का कारण हिंदुओं का आत्म केंद्रित , आत्म  विस्मृत तथा आत्म शूनय होना है उन्होंने भारत माता को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए देश के हिंदुओं को जागृत कर संगठित करने के लिए 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की भारतीय महापुरुषों को संघ का आदर्श तथा भगवा ध्वज को गुरु मानकर मंत्र के रूप में संघ की प्रार्थना तथा तंत्र रूपी संघ शाखा दी । जिसमें स्वयंसेवक सर्वांगीण विकास कर समाज के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं उसी का परिणाम है की 1925 से चला आ रहा संघ विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है संघ के राष्ट्रीय स्तर के 42 संगठन है जो भारत माता को परम वैभव पर ले जाने के लिए समाज का कार्य भगवान का कार्य मानकर कार्य करते है। 1 घंटे की संघ शाखा लगाकर योग आसन खेल सूर्य नमस्कार समता गण गीत अमृत वचन सुभाषित तथा संघ प्रार्थना की गई जिज्ञासा सत्र में संघ के प्रति समाज में सकारात्मक नकारात्मक विचार संघ देश, समाज के यह कार्य के प्रति के

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