STF साइबर क्राईम पुलिस की बड़ी कार्यवाही, ऑनलाईन एटीएम गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लाखो रुपये हड़पने वाले गिरोह का 01 सदस्य गोरखपुर से किया गिरफ्तार

 STF साइबर क्राईम पुलिस की बड़ी कार्यवाही, ऑनलाईन एटीएम गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लाखो रुपये हड़पने वाले गिरोह का 01 सदस्य गोरखपुर से किया गिरफ्तार
6 जुलाई, 2021
                                                         
देहरादून : STF एवं साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन उत्तराखण्ड की संयुक्त कार्यवाही, ऑनलाईन एटीएम गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लाखो रुपये हड़पने वाले गिरोह का 01 सदस्य गोरखपुर (उ0प्र) से गिरफ्तार तथा एक व्यक्ति के विरुद्ध कोर्ट में पेश हेतु नोटिस तामील कराई गई.
बढ़ते साइबर अपराधों के परिप्रेक्ष्य में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है । इसी परिपेक्ष्य में ठगों द्वारा आम जनता को “ऑनलाईन एटीएम गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी” करने की काफी शिकायते प्राप्त हो रही थी ।
इस क्रम में शिकायतकर्ता कलम सिंह निवासी देहरादून द्वारा साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर एक शिकायत प्रेषित की गयी जिसमें उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होने नौकरी हेतु ऑनलाईन जॉब वैबसाईट पर आवेदन किया था, अज्ञात कॉलर द्वारा कॉल कर एटीएम गार्ड की नौकरी लगने की बात कहते हुये रजिसट्रेशन एवं विभिन्न शुल्क के रुप में लगभग 9,60,000/- (नौ लाख साठ हजार) रुपये विभिन्न बैंक खातो में प्राप्त कर हड़प लिये थे। शिकायत पर थाना साइबर क्राईम देहरादून पर अभियोग पंजीकृत कर अभियोग अन्वेषण हेतु निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला के सुपुर्द किया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्तो द्वारा प्रयोग किये गये मोबाईल नम्बरो, बैंक खातो का विवरण प्राप्त कर विश्लेषण किया गया तो जानकारी हुई कि अभियुक्तों द्वारा वादी को जिन नम्बरों से सम्पर्क की गयी थी वे नम्बर दिल्ली व उत्तर प्रदेश राज्य के होने पाये गये । बैंक खातों की जानकारी की गयी तो पता चला कि साइबर अपराधियो द्वारा दिल्ली, गोरखपुर, देवरिया उत्तर प्रदेश के बैंक खातों का प्रयोग किये गये है। इन खातो के बैंक स्टेटमैन्ट का अवलोकन करने पर उक्त बैंक खातो से धनराशि अन्य बैंक खातो में स्थानान्तरित होनी पायी गयी । जिस पर अभियुक्तगणों की तलाश हेतु पुलिस टीम को गोरखपुर, देवरिया उत्तर प्रदेश आदि स्थानो पर भेजी गयी।
पुलिस टीम द्वारा तकनीकी संसाधनो का प्रयोग तथा सुरागरसी पतारसी करते हुये वादी मुकदमा से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक सदस्य आशुतोष कुमार पाण्डेय को गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया। तथा अभियोग से सम्बन्धित एक अन्य अभियुक्त जैनुल पुत्र इबारत निवासी वार्ड़ नं0-6 लाला टोली नगर पंचायत रुद्रपुर देवरिया उत्तर प्रदेश को नोटिस दिया गया है ।
अभियुक्त से पूछताछ पर महत्वपूर्ण जानकारिया प्राप्त हुयी कि वह और उनके सहयोगी लोगो को फोन कर उन्हे ऑनलाईन नौकरी दिलान की बात कहते हुये रजिस्ट्रेशन एवं अन्य शुल्क के नाम पर विभिन्न बैंक खातो मे धनराशि प्राप्त कर ठगी करते है। उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में प्रकाश में आये प्रमुख संदिग्ध खाते से एक करोड़ दस लाख रुपये की ट्रांजैक्शन हो चुकी थी। यह संदिग्द्ध खाता Star Service Company नाम से पाया गया जिसमें विवेचक द्ववारा तीन लाख धनराशि को Freeze कराया गया है। तथा वांछित अभियुक्त अविनाश (Main Mastermind) के यहाँ  देवरिया गाँव में दबिश दी गई तो अविनाश घर से फरार मिला तथा के एकाउन्ट डिटेल से ऐसा प्रतीत होता है कि इनके द्वारा देश में काफी लोगों से ठगी की गई होगी । अभियुक्त से पूछताछ में अन्य अभियुक्तो के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी एवं कई अहम सुराग मिले है, जिसके सम्बन्ध में विवेचना जारी है।

अपराध का तरीका-

अभियुक्तगण ऑनलाईन नौकरी की तलाश करने वाले बेरोजगार/जरुरतमंदो से सम्पर्क कर उनकी नौकरी लगने की बात कहते हुये रजिस्ट्रेशन शुल्क एवं अन्य विभिन्न शुल्क के नाम पर विभिन्न बैंक खातो मे धनराशि डलवाकर ठगी करते है । जनता से सम्पर्क करने हेतु दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि स्थानो के लोगो की फर्जी आई0डी0 पर मोबाईल सिम एवं बैंक खाते खोलकर धनराशि प्राप्त करते है । हर घटना हेतु अलग-अलग सिम/मोबाईल नम्बरो का प्रयोग करते है व उन्हे नष्ट करते रहते है ।

गिरफ्तार अभियुक्तगण-

1- आशुतोष कुमार पाण्डेय पुत्र सभाजीत पाण्डेय निवासी ए-232 आवास विकास विस्तार कालोनी, थाना गोरखनाथ जनपद गोरखपुर उ0प्र0 ।

पुलिस टीम-

  1. निरीक्षक श्री त्रिभुवन रौतेला
  2. उ0नि0 राजेश ध्यानी
  3. कानि मुकेश कुमार
  4. कानि नितिन रमोला
  5. कानि सुरेन्द्र कुमार

साइबर सावधानी अपीलः-

प्रभारी एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि ऑनलाई नौकरी दिलाने/ लक्की ड्रॉ, डिस्काउन्ट, लॉटरी, पॉलिसी में बोनस के प्रलोभन में न आयें तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी व महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचे । पहले ऐसे किसी भी ऑफर की जांच कर ले। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें।

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