कोरोना बीमारी एवं कोरोनाकाल में तम्बाकू उत्पाद का सेवन हो सकता है खतरनाक व जानलेवा

 कोरोना बीमारी एवं कोरोनाकाल में तम्बाकू उत्पाद का सेवन हो सकता है खतरनाक व जानलेवा
31 मई, 2021
                                                         
उत्तरकाशी (कीर्तिनिधी सजवाण): विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा लाकडाउन कार्यकाल में अनेकों तरीकों से जन-जागरूकता की जा रही है जिसमें मुख्यतः कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के माध्यम से, फेसबुक, वाट्सअप ग्रुप के माध्यम से, वीडियो क्लिप व वेविनार के माध्यम से, पाॅम्पलेट वितरण आदि माध्यमों से जन-जागरूकता का प्रयास किया जा रहा है।
जिससे जनपद को तम्बाकू मुक्त किया जा सके। इस अवसर पर जिला तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ट की टीम के द्वारा “सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (कोटपा) अधिनियम-2003” के अनुपालन हेतु जागरूकता भी की गयी। जिसमें बाजार में बिक रहे अनेकों प्रकार के तम्बाकू उत्पाद को प्रयोग करने वालों पर नियन्त्रण एवं तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों के विरूद्ध कोटपा अधिनियम के पालन में अर्थदण्ड/चालान के प्रति जागरूक किया गया। अधिनियम में विभिन्न धाराओं में अलग-अलग तरीको के अर्थदण्ड, चालान एवं सजा का प्रावधान है। तम्बाकू प्रकोष्ट एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी के द्वारा वेविनार बैठक के माध्यम से काॅलेज के प्राध्यापकों एवं छात्रों जोड़ा गया जिसमें कार्यक्रम सलाहकार ज्ञानेन्द्र पंवार ने तम्बाकू के दुष्परिणाम एवं कोटपा के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी डाॅ. डी.पी. जोशी के द्धारा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर आम-जनमानस से गुजारिश की है कि जिस तरह इस वर्ष की थीम है कि “कमिट टु क्विट” उसी तरह प्रत्येक व्यक्ति शपथ ले कि विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के इस अवसर पर हम “जीवन में हम कभी भी किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे एवं अपने परिजनों या परिचितों को भी तंबाकू उत्पादों एवं किसी भी नशे का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगे।” साथ ही यह भी संदेश दिया कि कोरोना बिमारी एवं कोरोनाकाल में तम्बाकू उत्पादों का प्रयोग करना और भी घातक एवं खतरनाक हो सकता है और जानलेवा भी हो सकता है इसलिए तम्बाकू उत्पादों का प्रयोग करने से बचें तथा दूसरों को भी तम्बाकू उत्पाद प्रयोग ‘न‘ करने के लिए प्रेरित करें। महाविद्यालय से प्राचार्य प्रो. सविता गैरोला, प्रो. वसन्तिका कश्यप, वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र परमार, एन्टी तम्बाकू सेल के डाॅ. देवेन्द्र दत्त पैन्यूली, डॉ. उषा रानी, डाॅ. आकाश चन्द्र मिश्रा, डाॅ. कमल बिष्ट, डाॅ. मनोज फोन्दाणी आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।
आप तम्बाकू छोड़ना चाहते है तो जिला अस्पताल के तम्बाकू उन्मूलन केन्द्र से या निशुःल्क हेल्प लाईन नम्बर 1800-112-356 पर सम्पर्क कर सकते हैं। जो तम्बाकू छोड़ने में आपकी मद्द करेंगे। जिससे आपका और आपके परिजनों का जीवन स्वस्थ एवं खुसहाल हो सकता है। “जिन्दगी चुनिये तम्बाकू नहीं”।इस मौके पर विभाग के सोशल वर्कर सोनिया बिष्ट, काउन्सलर मिनाक्षी बुटोला एवं आई.ई.सी. प्रबन्धक अनिल बिष्ट शामिल थे।

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