कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग का कार्यालय कोटद्वार शिफ्ट करने का कांग्रेसियों ने किया विरोध, विधायक दलीप रावत ने कहा लैंसडौन में ही रहेगा कार्यालय

 कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग का कार्यालय कोटद्वार शिफ्ट करने का कांग्रेसियों ने किया विरोध, विधायक दलीप रावत ने कहा लैंसडौन में ही रहेगा कार्यालय
Posted on अक्टूबर 25, 2021 3:35 pm
                                                   
लैंसडौन। लैंसडौन में स्थित कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन विभाग का कार्यालय कोटद्वार गुपचुप तरीके से संचालित करने के विरोध में कांग्रेसियों ने महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव ज्योति रौतेला और ब्लॉक प्रमुख दीपक भंडारी के नेतृत्व में गांधी चौक सहित सदर बाजार में राज्य सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी है। जिसको देखते हुए सोमवार को लैंसडौन, गुमखाल और जयहरीखाल का बाज़ार बंद रखने का निर्णय लिया गया है। धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग का कार्यालय बिना शासनादेश के कोटद्वार से संचालित किया जा रहा है। जो कि उचित नहीं है। और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है। जिसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ब्लॉक प्रमुख दीपक भंडारी ने कहा कि कार्यालय लैंसडौन में वापस होने तक बेमियादी धरना गांधी चौक में किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा। साथ ही आंदोलन को व्यापार मंडल द्वारा भी समर्थन दिया गया । प्रदर्शनकारियों में पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश ध्यानी, गुमखाल व्यापार मंडल अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, कांग्रेस नगर अध्यक्ष महिपाल सिंह रावत, नगर अध्यक्ष होटल एसोसिएशन सलीमउर रहमान, जयहरीखाल ग्राम प्रधान प्रभा देवी, अनूप कन्नौजिया, सौरभ नेगी, रोशन शाह आदि लोग उपस्थित थे।

This slideshow requires JavaScript.

लैंसडौन में ही रहेगा कार्यालय – विधायक दलीप रावत

वहीं लैंसडौन विधायक महंत दलीप रावत ने इस मुद्दे पर कहा कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग कार्यालय लैंसडौन में रहेगा। डीएफओ सहित संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जा रहा है कि वे कार्यालय का संचालन लैंसडौन मुख्यालय के बजाय कोटद्वार से क्यों कर रहे है। इससे लैंसडौन की जनता और जनप्रतिनिधियों में संशय की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पूर्व से ही स्पष्ट कहा जा रहा है कि उक्त कार्यालय लैंसडौन में ही रहेगा। विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षियों को राजनीति के लिए अन्य कोई मुद्दा नहीं सूझ रहा है। 

Related post