CM तीरथ सिंह रावत ने किया श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में स्थापित 30 नए आईसीयू बेड का वर्चुअल लोकार्पण, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा जनपद में घर घर प्रत्येक व्यक्ति को पहुंचाई जा रही है दवा

 CM तीरथ सिंह रावत ने किया श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में स्थापित 30 नए आईसीयू बेड का वर्चुअल लोकार्पण, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा जनपद में घर घर प्रत्येक व्यक्ति को पहुंचाई जा रही है दवा
26 मई, 2021
                                                         

श्रीनगर : प्रदेश के तीरथ सिंह रावत ने अपने भागीरथपुरम जीएमएस रोड स्थित आवास से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में स्थापित 30 नए आई.सी.यू बेड का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड के समय में इन आईसीयू बेड की उपलब्धता से विशेषकर पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं टिहरी जिले के लोगो को ईलाज में मदद मिलेगी। इन जनपदों से अधिकांश मरीज ईलाज के लिए श्रीनगर आते हैं। कोविड के बाद अन्य बीमारियों के ईलाज के लिए भी इन आईसीयू बेड का उपयोग होगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में आईसीयू, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका विस्तार सीएचसी एवं पीएचसी लेवल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही नैनीडांडा, थलीसैंण, सतपुली एवं प्रदेश के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोविड की तीसरी लहर के लिए अभी से सतर्कता बरतनी होगी। सभी अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था हो। इसकी समय से पूरी तैयारी रखी जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लोकार्पण कार्यक्रम में श्रीनगर गढ़वाल से प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री, मेडिकल कॉलेज और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से 30 बेड आईसीयू मेडिकल कॉलेज को जनता के लिए समर्पित किये गये हैं। कहा कि अस्पताल में 2000 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट लगा रहे हैं, जो एक माह में तैयार हो जायेगा, अब अस्पताल में कोई कमी नहीं रहेगी। कहा कि सरकार द्वारा ये तय किया गया है कि 18 से 44 आयु के व्यक्तियों के बिना रजिस्ट्रेशन वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही जनपद पौड़ी में एक दर्जन केंद्रों में वैक्सीनेशन करने का निर्णय कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो का समय से वैक्सीनेशन हो सके। कहा कि जनपद में जितने परिवार हैं और परिवार में जितने सदस्य हैं सबको आइवरमेक्टिन की दवाई आशा एवम आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर घर उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके तहत 10 लाख टैबलेट पहुंचने का कार्य शुरू हो गया है।

जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने कहा कि जनपद के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। कहा कि जनपद में 300 ऑक्सीजन युक्त बेड, 500 से अधिक ऑक्सीजन कॉन्सट्रेटर उपलब्ध हैं। वर्तमान में जनपद के समस्त बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। कहा कि भविष्य में कोरोना की तीसरी लहर के मध्येनजर बच्चों में होने वाले संक्रमण से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है। जनपद के बड़े अस्पतालों में 100 बेड की व्यवस्था बच्चों के लिए की जा रही है। साथ ही सीएचसी व पीएचसी में 5 से 6 बेड बच्चों के लिए लगाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से संबंधित मेडिकल सामग्री व दवाइयां व अन्य उपकरण क्रय किये जा रहे हैं। इसके लिए कार्य योजना बनाई जा रही है तथा समस्त मेडिकल टीम के अधिकारी जनपद के बड़े अस्पतालों, सीएचसी एवं पीएचसी में आवश्यकतानुसार का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके अनुसार सामग्री क्रय की जायेगी। कहा कि वर्तमान में जनपद में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रविन्द्र बिष्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत, सीएमएस डॉ. गोविंद पुजारी, सीओ श्रीनगर श्याम दत्त नौटियाल, तहसीलदार सुनील राज, मंडल अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली, मीडिया प्रभारी गणेश भट, मंडल मीडिया प्रमुख अनुग्रह मिश्रा, सहित अन्य उपस्थित थे।

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