एम्स ऋषिकेश एवं एनएचएम टीम घर-घर जाकर सामान्यरूप से बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर करा रही हैं उन्हें दवा उपलब्ध

 एम्स ऋषिकेश एवं एनएचएम टीम घर-घर जाकर सामान्यरूप से बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर करा रही हैं उन्हें दवा उपलब्ध
4 जून, 2021
                                                         

ऋषिकेश : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश एवं एनएचएम उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में कोविडकाल के मद्देनजर बीते तीन महीने से ऋषिकेश नगर क्षेत्र के अर्बन एरिया शांतिनगर व मुनिकीरेती के कैलासगेट क्षेत्र में स्थापित अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर (वेलनैस सेंटर) के माध्यम से लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जनजागरुकता मुहिम चलाई जा रही है, साथ ही दोनों सेंटरों की टीमें क्षेत्र में घर-घर जाकर सामान्यरूप से बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा उपलब्ध करा रही हैं।

गौरतलब है कि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत के मार्गदर्शन में कोरोनाकाल के भयावह दौर में लोगों को घर-घर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से बीती 1 मार्च 2021 को एम्स संस्थान द्वारा एनएचएम उत्तराखंड के सहयोग से शांतिनगर व कैलासगेट में वैलनेस सेंटर की स्थापना की गई थी। जिनके माध्यम से कोरोनाकाल में लोगों को घर- घर जाकर कोविड के बाबत जागरुक किया जा रहा है, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

संस्थान की कम्युनिटी एवं फेमिली मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना का कहना है कि कोविडकाल में संस्थान के फ्रंट लाइन वर्कर लोगों से घर- घर संपर्क कर उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर न सिर्फ जागरुक कर रहे हैं बल्कि अस्वस्थ लोगों को प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान कर रहे हैं, जो कि सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह एम्स के स्वास्थ्य दल का सहयोग करें व उन्हें अपनी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से अवगत कराएं । उन्होंने बताया कि जो शहरवासी कोविडकाल में अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह इन वैलनेस सेंटरों पर भी अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा सकते हैं। प्रो. वर्तिका सक्सेना जी ने बताया कि फिलहाल शांतिनगर प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर पर शुगर, पेशाब आदि प्राथमिक जांचें उपलब्ध कराई गई हैं, जल्द ही यह सुविधाएं कैलासगेट सेंटर पर भी शुरू की जाएंगी।

संस्थान के आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डा. संतोष कुमार ने बताया कि कोविडकाल में अ​धिकांश अस्पतालों में कोरोना वायरस संक्रमण के खतरों के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से सामान्य ओपीडी सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। ऐसी स्थिति में नागरिक दिक्कतों को देखते हुए स्थापित किए गए उक्त दोनों वैलनेस सेंटरों में तैनात चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व एएनएम का संयुक्त दल लोगों को उक्त इलाकों घर- घर जाकर स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रहा है, साथ ही बीमार लोगों को एम्स की टेली कन्सलटेशन सेवा के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श व दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि जब लोगों में कोविड को लेकर अत्यधिक भय व्याप्त था, ऐसे समय में एम्स की चिकित्सकीय टीम लोगों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं देने के कार्य में सततरूप से जुटी हुई हैं। बताया कि संस्थान की कम्युनिटी एवं फेमिली मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित उक्त वैलनेस सेंटरों में पिछले तीन महीने में शांतिनगर क्षेत्र में 1000 से अधिक मरीजों जबकि मुनिकीरेती कैलासगेट क्षेत्र में लगभग 700 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा चुकी हैं। एम्स आउटरीच एवं एनएचएम वैलनेस सेंटर के नोडल अधिकारी डा. संतोष जी ने बताया कि यह दोनों सेंटर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित स्लम एरिया के लिए स्थापित किए गए हैं,लिहाजा उक्त दोनों सेंटर कोविड दौर समाप्त होने के बाद भी सततरूप से कार्य करेंगे व लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते रहेंगे। टीम में मेडिकल ऑफिसर डा. निशांत त्यागी, नर्सिंग ऑफिसर सरोजनी भट्ट व विपुल सिंह कठैत, एएनएम रामा भट्ट, रुचिका सिलस्वाल, निर्मला पोखरियाल व प्रियंका लिंगवाल, लैब टेक्निशियन अंकित मिश्रा, सरस्वती कोठियाल आदि शामिल हैं।

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