लाइसेंसीयों द्वारा जिला विकास प्राधिकरण जनपद गढ़वाल के संबंध में आम जनता को गुमराह करने की शिकायत पर एडीएम/सचिव जिला विकास प्राधिकरण पौड़ी ने लिया संज्ञान, कहा भविष्य में शिकायत आने पर होगी लाइसेंस निरस्त की कार्यवाई

 लाइसेंसीयों द्वारा जिला विकास प्राधिकरण जनपद गढ़वाल के संबंध में आम जनता को गुमराह करने की शिकायत पर एडीएम/सचिव जिला विकास प्राधिकरण पौड़ी ने लिया संज्ञान, कहा भविष्य में शिकायत आने पर होगी लाइसेंस निरस्त की कार्यवाई
16 जुलाई, 2021
                                                         
पौड़ी : सचिव/अपर जिलाधिकारी जिला विकास प्राधिकरण पौड़ी डॉ. एस.के.बरनवाल ने जिला विकास प्राधिकरण जनपद गढ़वाल के समस्त लाईसेन्सधारी आर्किटेक्ट/सिविल इंजीनियर/नक्शानवीस (ड्राफ्ट मैन) को सूचित करते हुए कहा कि संज्ञान में आया है कि कतिपय लाईसेन्सियों के द्वारा आम जनता को गुमराह किया जा रहा है कि अब जनपद में जिला विकास प्राधिकरण समाप्त हो चुका है और अब प्राधिकरण से कोई नक्शा पास या शुल्क जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है, जिस कारण आम जनता में भ्रम की स्थित उत्पन्न हो रही है और इस प्रकार से आम जनता को गुमराह किया जाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी लाईसेन्सी के विरूद्ध कोई शिकायत/प्रकरण संज्ञान में आता है तो उसके लाईसेन्स को निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
उन्होंने कहा कि शासनादेश दिनांक 17.03.2021 के द्वारा वर्ष 2016 से पूर्व के प्राधिकरणों एवं विनियमित क्षेत्रों को छोड़कर नये सम्मलित क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया गया है। जबकि शासनादेश दिनांक 15.06.2021 के द्वारा वर्ष 2016 से पूर्व के प्राधिकरणों एवं विनियमित क्षेत्रों को छोड़कर नये सम्मलित क्षेत्रों में यदि कोई आवेदक स्वेच्छा से मानचित्र स्वीकृत कराना चाहता है तो संबंधित प्राधिकरण के द्वारा मानचित्र स्वीकृति की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय द्वारा दिनांक 25.03.2021 के द्वारा वर्ष 2016 से पूर्व के प्राधिकरण एवं विनियमित क्षेत्रों (विनियमित क्षेत्र पौड़ी, श्रीनगर एवं प्राधिकरण क्षेत्र ग्राम सभा जौंक नगर पंचायत स्वर्गाश्रम) का पूर्ण विवरण दिया गया है, जहां पर प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत करना अनिवार्य है, इन क्षेत्रों में बिना भवन मानचित्र के कोई भी निर्माण अवैध है। इन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति प्रकिया पर कोई रोक नहीं है। साथ ही वर्ष 2016 के बाद के प्राधिकरण क्षेत्रों में भी आवेदक स्वैच्छा से बैंक लोन आदि हेतु प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत करवा सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से पूर्व के विनियमित क्षेत्र एवं प्राधिकरण क्षेत्र इस प्रकार हैं-

  1.  निनियमित क्षेत्र पौड़ी-(क) पौड़ी नगर पालिका परिषद् सीमा के भीतर पड़ने वाला समस्त क्षेत्र (ख) जनपद/तहसील पौड़ी के निम्न ग्रामों का क्षेत्र-माण्डा लगा भेटा, ल्वाली लगा भेटा, भेटा, भदलाऊं, खडेत तल्ला, खडेत मल्ला, पावौं मल्ला, उंणचिर, चौपड़ा, रावत कफलना, बमण कफलना, वजली, सिरौली, गोसिल लगा खोली, र्क्याक, कोठार, मासों मल्ला, मासों तल्ला, मरवाडा गूंठ, मैठाणा, बैरागंना, सुनार ढांढरी, भगलानू, गौल की माण्डा, खरकोटा, थली, कोलाकण्डी, गोदी मल्ली, चन्दोला रांई, चन्दोला रांई गूंठ, बयाल गांव, रौत गांव।
  2. विनियमित क्षेत्र श्रीनगर-(क) नगर पालिका परिषद श्रीनगर की सीमा के भीतर पड़ने वाला समस्त क्षेत्र (ख)निम्न ग्रामों की सीमा के भीतर पड़ने वाला क्षेत्र-कीर्तिनगर अधिसूचित क्षेत्र, पैल्यूला, रानीहाट, नैथाणा मल्ला और तल्ला, गोरसाली, थापली, बडकोट, मडी, लांगसू, गुगली, जाखणी, नौर (किलकिलेश्वर), दिवली, सोक्रों, नेथयाणा, श्रीकोट, ऐठाणा डांग, रेवडी कांडई, उफल्डा।
  3. ऋषिकेश के महायोजना का वह क्षेत्र जो पूर्व में हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत था, जो वर्तमान (वर्ष 2019 उपरान्त) में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण का भाग है-ग्राम सभा जौंक नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक जनपद पौड़ी की सीमा की भीतर का क्षेत्र।

उन्होंने समस्त लाईसेन्सधारी आर्किटेक्ट/सिविल इंजीनियर/नक्शानवीस (ड्राफ्ट मैन), जिला विकास प्राधिकरण जनपद गढ़वाल से कहा कि तद्नुसार स्वयं एवं आवदेकों को भी संज्ञान कराना सुनिश्चित करें।

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