Big Breaking : सुप्रीम कोर्ट का Pegasus Scandal को लेकर बड़ा फैसला !

 Big Breaking : सुप्रीम कोर्ट का Pegasus Scandal को लेकर बड़ा फैसला !
Posted on अक्टूबर 23, 2021 12:25 pm
                                                   

नई दिल्ली:  पेगासस मामले (Pegasus Scandal) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि वो मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन करेगा. अगले हफ्ते आदेश जारी होगा. सीजेआई ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि हम इसी हफ्ते आदेश जारी करना चाहते थे. वो एक्सपर्ट कमेटी बना रहे हैं, लेकिन कुछ सदस्यों ने निजी कारणों से शामिल होने से इनकार कर दिया है, इसलिए मामले में देरी हो रही है. सीजेआई एनवी रमना ने ये बात वरिष्ठ वकील सीयू सिंह से कही. सीयू सिंह पेगासस मामले में भी याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हो रहे हैं. इस मामले में 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. इसमें 12 याचिकाओं पर  फैसला आएग. केंद्र सरकार ने जनहित और राष्ट्र की सुरक्षा का हवाला दे विस्तृत हलफनामा दाखिल करने से इनकार किया था. वकील एमएल शर्मा, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास, पत्रकार एन राम, पूर्व आईआईएम प्रोफेसर जगदीप चोककर, नरेंद्र मिश्रा, परंजॉय गुहा ठाकुरता, रूपेश कुमार सिंह, एसएनएम आब्दी, पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की याचिकाएं हैं.

पीठ ने कहा था कि वह मामले के सभी पहलुओं को देखने के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने के केंद्र के प्रस्ताव की जांच करेगी.  वहीं,  केंद्र सरकार का बार-बार यह कहना था कि सुरक्षा उद्देश्यों के लिए फोन को इंटरसेप्ट करने के लिए किस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया. इसका सार्वजनिक तौर पर खुलासा नहीं किया जा सकता. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सुरक्षा और सैन्य एजेंसियों द्वारा राष्ट्रविरोधी और आतंकवादी गतिविधियों की जांच के लिए कई तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार यह सार्वजनिक नहीं करेगी कि वह किस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही है ताकि आतंकी नेटवर्क अपने सिस्टम को मॉडिफाई कर सकें और ट्रैकिंग से बच सकें. मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार, निगरानी के बारे में सभी तथ्यों को एक विशेषज्ञ तकनीकी समिति के समक्ष रखने के लिए तैयार है, जो अदालत को एक रिपोर्ट दे सकती है . शीर्ष अदालत के उस सवाल पर कि क्या केंद्र एक विस्तृत हलफनामा दायर करने के लिए तैयार है, मेहता ने कहा कि दायर दो पृष्ठ का हलफनामा याचिकाकर्ता एनराम और अन्य द्वारा उठाई गई चिंताओं का पर्याप्त रूप से जवाब देता है.