चेतक वाले दीवान जी का नोटिस तामिल कराने का अंदाज निराला, नोटिस तो देते नही रिसीव के लिए देते है हुक्म, मित्र पुलिस को कर रहे है बदनाम

 चेतक वाले दीवान जी का नोटिस तामिल कराने का अंदाज निराला, नोटिस तो देते नही रिसीव के लिए देते है हुक्म, मित्र पुलिस को कर रहे है बदनाम
20 अप्रैल, 2021
                                                         

मंगलौर : आजकल कोतवाली के एक चेतक वाले दीवान जी बड़े चर्चाओं में है वैसे तो कोतवाली ही चर्चाओ में रहती है किन्तु आजकल वह अपने चेतक वाले दीवान जी के चलते बड़े चर्चाओं में है. चेतक वाले दीवान जी एक 107/16 का नोटिस को तामिल कराने गये और कहा गया कि इसको पढो और इस पर हस्ताक्षर कर रिसीव करों तब दुसरे पक्ष ने कहा कि नोटिस की प्रति तो दीजिये तो चेतक वाले दीवान जी कहते है कि रिसीव करो हम इसी तरह नोटिस तामिल कराते है, ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश मत करो और इसे रिसीव करों. हम ऐसे ही नोटिस तामिल कराते है यही हमारा स्टाइल है. और तुम्हे तो हम बतायेगे कि हम क्या कर सकते है. हम पुलिस है तुम्हे पुलिस की ताकत का पता नही अभी तक कि हम क्या कर सकते है?

चेतक वाले दीवान साहब यह देवभूमि है यह डीजीपी अशोक कुमार की मित्र पुलिस है इसे बदनाम मत करो इसे मित्र ही रहने दो. महाकुम्भ हरिद्वार में डीजीपी अशोक कुमार एवं आईजी संजय गुंज्याल ने नया कीर्तिमान रच विश्व में उत्तराखण्ड पुलिस का मान बढाया है जिसकी चारो और बड़ी प्रशंसा हो रही है. चेतक वाले दीवान जी नोटिस तामिल कराने के लिए मित्र पुलिस बनों ओर आम नागरिको को भी इज्जत दीजिये. आखिर वह कीड़े मकौड़े नही है वह भी इन्सान है. उनको भी इज्जत दीजिये साहब. नोटिस तो आप अपने अंदाज में ही तामिल कराए लेकिन उसकी एक प्रति भी उनको उपलब्ध करा दीजिये महोदय जिससे उनको पता चल सके कि उनको किस बात का नोटिस आया है. चेतक वाले दीवान साहब उत्तराखंड पुलिस मित्र पुलिस है इस बात का विशेष ध्यान रखें. इसकी गरिमा बनाये रखे.

डीजीपी अशोक कुमार के सख्त निर्देशों के बाद भी आखिर यह पुलिसकर्मी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार क्यों नही ला पा रहे है. डीजीपी अशोक कुमार ने डीजीपी की कमान सम्भालते ही पुलिस कर्मियों को हिदायत दी थी कि वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाये और आमजन से अच्छे से व्यवहार करें किन्तु इन चेतक वाले दीवान साहब अपनी मनमानी पर डटे हुए है. आखिर कैसे होगा इनकी कार्यप्रणाली में सुधार यह तो रब ही जाने.

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