मुख्यमंत्री नीतीश ने की राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा

 मुख्यमंत्री नीतीश ने की राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा
Posted on दिसंबर 6, 2021 12:31 am
                                                   
ख़बर सुनने के लिए क्लिक करे 👉
स्पेशल सर्वे कार्य के दौरान जो फाइनल ड्राफ्ट बनेगा उसका मुख्यालय से एवं जिलाधिकारी के स्तर से भी मॉनिटरिंग कर चेक करा लें, ताकि कहीं कोई त्रुटि न रह जाए।
स्पेशल सर्वे कार्य पूरा हो जाने से भूमि विवाद को लेकर कम से कम झगड़ा होगा और लोगों का कल्याण होगा।
भूमि विवाद की समस्याओं के निराकरण के लिए होने वाली आधिकारिक बैठकों में नई तकनीक का उपयोग करें और विभाग के स्तर से इसकी मॉनीटरिंग करें।
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पेशल सर्वे फेज-1, फेज-2 एवं फेज-3 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। स्पेशल सर्वे फेज-1 के अंतर्गत 20 जिले 89 अंचल, 207 कैंप्स एवं 5228 गांवों में सितंबर, 2020 से काम शुरु किया गया है। फेज-2 के अंतर्गत 20 जिले 90 अंचल, 197 कैंप्स एवं 4668 गांवों में जुलाई, 2021 से काम शुरु किया गया है। फेज-3 के अंतर्गत 18 जिलों, 114 अंचल एवं लगभग 10,000 गांवों में जनवरी, 2022 से काम शुरु किया जाएगा। स्पेशल सर्वे का कार्य दिसम्बर 2023 तक पूर्ण हो जायेगा। उन्होंने विभाग द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न ऑनलाइन सर्विसेज के संबंध में भी जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम की शुरुआत जब वर्ष 2006 में की गई तो उसमें ज्यादातर भूमि विवाद से जुड़े मामले आते थे। इस पर विचार विमर्श किया और कानून बनाया गया। भूमि विवाद की समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत से ज्यादा क्राइम भूमि विवाद के कारण होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आबादी ज्यादा है और क्षेत्रफल कम है, जिसके कारण यहां की परिस्थितियां अलग हैं। हमलोगों ने तय किया कि यहां जमीन का स्पेशल सर्वे किया जाएगा। इसमें एरियल सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्पेशल सर्वे का कार्य पूरा हो जाने से भूमि विवाद को लेकर कम से कम झगड़ा होगा और लोगों का कल्याण होगा। भूमि विवाद की समस्याओं के निराकरण के लिए सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी और थानेदार संयुक्त रुप से लोगों के साथ बैठक करते हैं। 15 दिनों में एक दिन एसडीओ और एसडीपीओ तथा महीने में एक दिन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठक कर समस्याओं का निराकरण करते हैं। इसमें नई तकनीक का उपयोग करें और विभाग के स्तर से इसकी मॉनीटरिंग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पेशल सर्वे कार्य के दौरान जो फाइनल ड्राफ्ट बनेगा उसका. मुख्यालय से एवं जिलाधिकारी के स्तर से भी मॉनिटरिंग कर चेक करा लें, ताकि कहीं कोई त्रुटि न रह जाए। यह सुनिश्चित करें कि इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, अध्यक्ष – सह- सदस्य राजस्व पर्षद संजीव कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह, गृह-सह-मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, निदेशक, लैंड रिकॉर्ड एण्ड सर्वे जय सिंह एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे।

Related post