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कोटद्वार । प्रदेश कोर कमेटी की ऑनलाइन बैठक में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में 1 अक्टूबर को काला दिवस मनाने का निर्णय किया है ।इस कार्यक्रम को प्रत्येक कर्मचारी व्यक्तिगत स्तर पर बल देने का प्रयास करेगा । 1 अक्टूबर 2005 के दिन ही राज्य के कर्मचारियों के लिए सरकार ने पुरानी पेंशन की सुविधा से वंचित कर दिया था। इसी के विरोध में कार्मिकों ने इस दिन को काले दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।राज्य में लगातार कर्मचारी कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर संकटकाल में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इस निर्वहन के दौरान लगातार राजकीय कार्मिक कोरोना ग्रस्त होकर मृत्यु को प्राप्त भी हो रहे हैं। इस स्थिति में उनके परिवार के पास पारिवारिक पेंशन तक प्राप्त नहीं। ऐसे संकट काल मे लगातार कर्मचारियों में अपनी सुरक्षा के प्रति सरकारी उदासीनता को लेकर रोष है। पुरानी पेंशन के होने से कर्मचारी के जीवन मे एक सुरक्षित भविष्य के लिए संकटों से लड़ने के लिए ढाल थी आज कर्मचारी भविष्य में आने वाले संकट से लड़ने के लिए निहत्था है।

प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा जब तक पुरानी पेंशन बहाल नही हो जाती तब तक यह संघर्ष अनवरत रूप से जारी रहेगा। शीघ्र धरातल पर भी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए कार्यक्रम किये जायेंगे । अपनी सुरक्षा के डर से छोटे जीव तक डंक मार देते हैं। हम फिर भी मनुष्य हैं। कोरोना काल मे अनुनय विनय से सरकार को मनाने का प्रयास जारी है। परंतु अधिकारों के लिए जमीन से लेकर सदन तक कि लड़ाई भी कई बार लड़ी गयी है और पुनः पुरानी पेंशन के लिए लड़ी जा सकती है।प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी ने कहा कि देश जिस संकट काल से गुज़र रहा है उससे निबटने के लिए कर्मचारी का nps स्कीम में जमा पैसा जी पी एफ में परिवर्तित कर उसे उपयोग कर देश के आर्थिक संकट से निबटा जा सकता है । सरकार को अपने आर्थिक विकल्पों पर गौर करने की आवश्यकता है। जिसके लिए nps का शेयर में लगा पैसा एक अच्छा विकल्प है। वर्तमान में कर्मचारी निर्भीक होकर कोरोना से लड़ रहे हैं संक्रमित होकर गंभीर परिणाम भुगत रहे हैं परंतु अपनी जगह पर मजबूती से डटे हुए हैं। इस पर सरकार उत्साहवर्धन के लिए इतनी सी विनती तो स्वरकार कर ही सकती हैं। इस बैठक में देवेंद्र बिष्ट, प्रवीण भट्ट, योगिता पन्त, कपिल पांडे, जयदीप रावत, नरेश भट्ट, सौरभ नौटियाल,कमलेश मिश्रा, राजेन्द्र शर्मा , सुबोध कांडपाल इत्यादि शामिल रहे।

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