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थराली / चमोली (रमेश थपलियाल)। दो बच्चों को अपना निवाला बनाने वाला नरभक्षी गुलदार को शिकारी दल ने ढेर कर दिया है। जिससे क्षेत्र वासियों ने राहत की सांस ली। शिकारी  लखपत रावत और जाय हुकील ने आंतक के प्रयाय बने गुलदार के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के बाद उसका खात्मा कर दिया है।

बता दें  कि 29 मई को ग़ैरबारम गांव में नरभक्षी गुलदार ने 11 वर्षीय बच्ची को अपना निवाला बनाया था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए दो शिकारी लखपत रावत एवं जॉय हुकील को आदमखोर के शिकार के लिए भेज दिया था । लगातार 11 दिनों की मेहनत एवं सटीक रणनीति के आधार पर दोनों ही शिकारियों के प्रयासों के बाद शुक्रवार की देर शाम जैसे ही गुलदार दिखाई दिया । जॉय वकील  की 375 बोर राइफल की टाइगर से गोली निकली है और एक ही गोली में गुलदार ढेर हो गया। दोनों शिकारी बताते हैं कि गुलदार को मारने से पूर्व ही उन्होंने पूरे आंकड़े एकत्र कर लिए थे जिसके आधार पर उन्हें पता था कि आदमखोर मादा है, कम ऊंचाई की है, और लगभग छह से सात फीट बड़े शरीर की है ,संभवतः शिकार की कमी के कारण वह आदमखोर हो गई या उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। अपने अध्ययन के दौरान ही उन्होंने यह भी निकाल लिया था कि आदमखोर की उम्र छह से सात वर्ष की है।

अभी भी सदमें है मृतक बच्ची की माता

चमोली जिले के ग़ैरबारम की रहने वाली मधु देवी आज भी घटना से उबर नहीं पाई है । घटना को याद कर बुरी तरह डर एवं सहम जाती है, कहती हैं मैंने बाघ के मुंह से बच्ची को बचाने में पूरी ताकत लगा ली ,लेकिन मैं बच्ची को बचा नहीं पाई।

शिकार की कमी बनाती है आदमखोर

आदमखोर गुलदार को निशाना बनाने वाले सटीक निशाने बाज और  हिंसक  गुलदार को ठिकाने लगाने वाले शिकारी जाय हुकिल और लखपत रावत मूल तौर पर वन्य प्राणी प्रेमी हैं। वे जानवरों की हर गतिविधि को करीब से जानने को हमेशा उत्सुक रहते हैं। जाय हुकिल बताते हैं कि शिकार की कमी बनाती है  गुलदार को आदमखोर। पिछले 11 वर्षों से तेंदुए के व्यवहार पर अध्ययन कर रहे उत्तराखंड के प्रसिद्ध शिकारी ज्वाई  हुकिल कहते हैं जिस तेजी से तेंदुओं की संख्या बढ़ी है उन्हें भोजन की कमी हुई है ऐसी स्थिति में इंसान उसे अपना सबसे आसान एवं कम मेहनत करने वाला शिकार लगता है और जब एक बार कोई तेंदुआ मानव का मांस शिकार खा लेता है तो वह लगातार इसी आसान शिकार की खोज में रहता है और आदमखोर हो जाता है।

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