पोखरी में रेशम कीट पालन को बनाया आर्थिकी का जरिया

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पोखरी / चमोली । चमोली जिले के पोखरी विकास खंड के दूरस्थ नैल गांव के दंपत्ति महेश्वरी देवी व प्रेम सिंह ने एटी इंडिया व महिला बाल विकास योजना देहरादून केे सहयोग से ओक तसर रेशम उत्पादन का काम शुरू किया है। लाॅक डाउन के दिनों में शुरू किया गया कार्य वर्तमान में उनकी अच्छी आमदानी का  जरिया बन गया है।

नैल के महेश्वरी देवी व प्रेम सिंह बताते है कि पहले तो कीटपालन में दिक्कतें आये लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी आज रेशम का उत्पादन शुरू हो गया है। जिसे देख अपनी मेहनत पर खुशी होती है। कहा कि व्यवसाय से जुड़ कर ग्रामीण महिलाऐं अपनी आजीविका को बेहतर बना सकती है। कहा कि इस कार्य में लागत कम और मुनाफा ज्यादा है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस कार्य को करना और भी आसान है। 

बता दें कि प्रेम सिंह नेगी को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों चमोली जिले में उत्तम किसान का सम्मान भी सम्मानित किये जा चुके है। और एक बार उन्होंने फिर से रेशम कीट पालन कर दूसरी मिशाल भी कायम कर दी है। प्रेम सिंह का कहना है कि रेशम उत्पादन में संस्था ने जो सहयोग दिया है उसी के यह कामयाबी उन्हें मिली है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष नेगी व ग्राम प्रधान नैल संजय रमोला और महिला मंगल दल अध्यक्ष कुसुम देवी भी दंपत्ति के इस कार्य की  सराहना करते हुए कहते है कि यदि सरकार ग्रामीणों को सहयोग दें तो ओक तसर रेशम कीटपालन इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर किया जा सकता है।

वहीं रेशम विभाग के तकनीशियन लक्ष्मण राणा ने कहा कि विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं व नवीनतम तकनीकों की जानकारी हासिल कर किसान आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकता है। विभाग की ओर से रेशम कीट पालकों के लिए शैड बनाने के लिए तथा अन्य सहायक सामग्री के लिए उपदान प्रदान किया जाता है। प्रत्येक किसान अपने साथ दो-दो लोगों को इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित करें। जिससे ताकि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेशम कीट पालन को बढ़ावा दिया जा सके।

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