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    आर्य समाज ने एसडीएम को भेंट की सत्यार्थ प्रकाश

    14-08-2019 19:43:26

    कोटद्वार ।  आर्य समाज की ओर से एसडीएम कोटद्वार योगेश मेहरा को स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा लिखी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश भेंट की। महर्षि दयानन्द सरस्वती ने संसार के उपकार के लिए स्वयं विभिन्न सम्प्रदायों के ग्रन्थ पढ़ेए चिन्तन कियाए सत्यार्थ प्रकाश ग्रन्थ लिखकर उसमें सत्य स्थापित किया तथा चौत्र सुदिए प्रतिपदा यतदनुसार 7 अप्रैल 1875 कोद्ध आर्य समाज की स्थापना की।आर्य समाज के कोषाध्यक्ष आनन्द प्रकाश ने बताया कि आगामी 19 से 25 अगस्त तक आर्य समाज की ओर से वेद प्रचार महोत्सव 2019 का आयोजन किया जा रहा है। 19 अगस्त को प्रातरू 8 से 9 बजे तक यज्ञए 9 से साढ़े 10 बजे तक भक्ति संगीत एवं वेद प्रवचनए रात्रि 8 से 10 बजे तक भक्ति संगीत एवं वेद प्रवचन दिये जायेगें। वेद प्रचार महोत्सव में वैदिक प्रवचनकर्ता आचार्य चन्द्रदेव प्रवचन देगें। जबकि कुलदीप आर्य संगीत की प्रस्तुति देगें। उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान बच्चों में निराशा क्यों एवं उसका समाधानए विद्या और अविद्या का वास्तविक स्वरूपए ऋषि दयानन्द ने विलुप्त होती भारत की संस्कृति व संस्कारों को कैसे पुर्न जागृत कियाए वेदों में नारी की स्थितिए शिक्षा का उद्देश्यए स्वतंत्रता संग्राम में नारियों की भूमिकाए भारत वर्ष के सुधार एवं जागरण में ऋषि दयानन्द की भूमिकाए श्रावणी उपाकर्म विचार एवं विमर्शए पाखण्डो एवं अंधविश्वासों से छुटकारा कैसे धर्म एवं संस्कृति पुन जागृति ईश्वर का स्वरूप ईश्वर अवतार लेता है क्या ब्रह विष्णु महेश आदि के बारे में जानकारी तीर्थ किसे कहते हैए क्या तीर्थ स्थानों में जाने से ही मुक्ति सम्भवए यज्ञए दान तप और पित्रों का श्राद्ध प्रतिदिन या कभी.कभी योगेश्वर कृष्ण जन्मोत्सव एवं राष्ट्र रक्षा पर प्रवचन दिये जायेगें। उन्होंने कहा कि उपर्युक्त गुणों से संयुक्त और वेदानुकूल जीवन व्यतीत करने वालों को महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आर्य अर्थात श्रेष्ठ कहा है। उन्हीं श्रेष्ठ व्यक्तियों के समूह का नाम आर्य समाज है।