अनियमित खानपान से बढ़ रहा डायरिया का मर्ज

Publish 28-04-2019 19:13:39


अनियमित खानपान से बढ़ रहा डायरिया का मर्ज

कोटद्वार (गौरव गोदियाल): सूरज की तपिश ने मौसम में गरमाहट लाने के साथ-साथ लोगों को बीमार बनाना भी शुरू कर दिया है । तेज धूप से बीमार हो रहे लोगों की अस्पताल व निजी क्लिनिक में भीड़ बढ़ने लगी है । शनिवार को भी बेस अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लगभग 40 प्रतिशत से अधिक मरीज भर्ती रहे । बेस अस्पताल में कार्यरत कर्मियों ने बताया कि रोजाना दस से बीस नये मरीज भर्ती हो रहे हैं । इसके अलावा इमरजेंसी में भी शनिवार को कई मरीज इलाज करवा चुके है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ एस डी आर्य के अनुसार अगर दिन में तीन से ज्यादा बार पानी के साथ अधिक मात्रा में मलत्याग हो रहा हो तो यह डायरिया का लक्षण है । डायरिया में रोगी के शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है । जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाता है ।इसके बाद शरीर में इन्फेक्शन फैलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है ।उचित समय पर सही इलाज नहीं होने पर रोगी की जान भी जा सकती है ।छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं ।
 खानपान का रखें ध्यान  

गरमी के मौसम में अनियमित खानपान भी डायरिया होने की बड़ी वजह है ।इसके अलावा पेट में कीड़ों या बैक्टीरिया के संक्रमण, वायरल इन्फेक्शन, साफ सफाई ठीक से न होने से, शरीर में जल की कमी होने से, किसी औषधि के रिऐक्शन से, पाचन शक्ति कमजोर होने से भी होती है ।इसका लक्षण बार-बार मल त्याग करना, मल बहुत पतला होना, पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहना, तीव्र दशाओं में रोगी के पेट के पूरे निचले भाग में दर्द और बेचैनी महसूस होना है । मालूम हो कि शादी विवाह के मौके पर सब्जी सहित अत्यधिक मसालेदार खाने के सेवन से भी डायरिया का संक्रमण होता है ।ऐसे में लोगों को खास ऐहतियात बरतने की जरूरत है ।डॉक्टर कहते है कि लोगों को गरमी में पानी के साथ अत्यधिक ओआरएस का सेवन करना चाहिए ।इसके अलावा बासी व खुले में रखे खाद्य पदार्थों के अलावा कटे हुए फल सहित मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए ।
 डायरिया होने पर बरतें सावधानियां

चिकित्सक के अनुसार डायरिया होने पर मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना चाहे । तेल-मसालों वाले खाने से परहेज करना चाहे । डायरिया होने के पहले दो दिन तक बच्चे को फल, कैफिन पेय पदार्थ, दूध और वसायुक्त भोजन नहीं देना चाहिए, दूध या दूध से बने पदार्थ नहीं खायें अन्यथा मरीज की हालत और बिगड़ सकती है । बच्चों पर भी रखनी होगी नजर डायरिया बच्चा, युवा व बुजुर्ग किसी को भी हो सकता है । खासकर इस मौसम में बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत होती है । शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ हरेन्द्र कहते हैं कि यदि डायरिया किसी बहुत छोटे बच्चे को हुआ है तो बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहे । बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लगे, पहले से कम मूत्र त्याग हो, मूत्र का रंग गहरा पीला हो, त्वचा में सिकुड़न आने लगे तो यह डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं ।

 

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